अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में कहा कि उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर भेजने का आदेश दिया था। ट्रंप का दावा है कि यह फैसला अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के उद्देश्य से लिया गया था।
ट्रंप के अनुसार, वेनेजुएला में लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता, मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के कमजोर होने की स्थिति बनी हुई थी। उनका कहना है कि मादुरो सरकार पर लगातार यह आरोप लगते रहे हैं कि वह विपक्ष को दबाने और सत्ता बनाए रखने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला की स्थिति को लेकर कई बार कड़े कदम उठाए, जिनमें आर्थिक प्रतिबंध और कूटनीतिक दबाव शामिल थे। उनका मानना था कि इस तरह के फैसलों से वेनेजुएला में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इस पूरे मामले पर वेनेजुएला सरकार की ओर से पहले भी अमेरिका पर आंतरिक मामलों में दखल देने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग देशों की राय सामने आती रही है।
यह बयान एक बार फिर अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों को उजागर करता है, जो राजनीति, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के कई पहलुओं से जुड़ा हुआ है।

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