प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बुद्ध से संबंधित पिपरहवा अवशेषों की विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज भी पूरी दुनिया को शांति, करुणा और मानवता का मार्ग दिखाती हैं।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन और उनका संदेश मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा है। सत्य, अहिंसा और करुणा के उनके विचार आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पिपरहवा अवशेष भगवान बुद्ध की विरासत से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की जन्मभूमि और कर्मभूमि रहा है, इसलिए उनकी शिक्षाओं और विरासत को संरक्षित करना देश की जिम्मेदारी है। इस तरह की प्रदर्शनी न केवल इतिहास को समझने में मदद करती हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत लगातार दुनिया भर में बौद्ध संस्कृति और धरोहर को साझा करने का प्रयास कर रहा है। पिपरहवा अवशेषों की यह प्रदर्शनी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे लोगों को भगवान बुद्ध के जीवन और संदेश को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान संस्कृति और इतिहास से जुड़े विशेषज्ञों ने भी पिपरहवा अवशेषों के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। बड़ी संख्या में लोग इस प्रदर्शनी को देखने पहुंचे।

ज़्यादा कहानियां